daraar.

मुक्त छंद

अभी तो महज़ कुछ दिन बीते हैंफिर भी ये क़िस्सा पुराना लगता हैजो लगा था कभी हम यार हमेंआज मानो ज़माना लगता है चल रही है ज़िंदगीथोड़ी धीरे धीरेअब रात गुज़ारने मेंज़माना लगता है

और इस दौर-ए-ग़म मेंसुकून भी है, आराम भी हैमानो ये कोई घर पुराना लगता है

~दरार