झूठा फ़ासला
मैं सोचता हूँबैठ के अक्सरकैसा होगाफ़ासलों का मंज़र
कोई याद होफ़रियाद होया शख़्स हो कोईसब के सब तो हैं मेरे अंदर तो क्या?झूठा है ये फ़ासला? अगर नहींतो किसी से सालों बिछड़ने के बाद भीक्यों रोज़ आता हैवो ख़्वाबों के अंदर
मैं सोचता हूँबैठ के अक्सरकैसा होगाफ़ासलों का मंज़र
कोई याद होफ़रियाद होया शख़्स हो कोईसब के सब तो हैं मेरे अंदर तो क्या?झूठा है ये फ़ासला? अगर नहींतो किसी से सालों बिछड़ने के बाद भीक्यों रोज़ आता हैवो ख़्वाबों के अंदर