daraar.

मुक्त छंद2026

मैं कोई शायर तो नहींजो ग़ज़लें लिख पाऊँगाजिनको सुन के चैन मिलेऐसी नज़्में सुना पाऊँगा पर चलोजो भी मेरे जज़्बात हैंवो सर-ब-सर तुम्हारे आगे रख देता हूँअगर इन्हें समझ पाओ तो हम राही बन जानावरना शुक्रिया, मेरी तरफ़ से आदाब है

~दरार