daraar.

मुक्त छंद

मेरे क़रीब आने की कोशिश करता हैकैसे बताऊँ उस मासूम को, यहाँ कुछ नहीं रखा हैशायद ढूँढ रहा है अपने सुकून को वोकैसे बताऊँ यहाँ महज़ दर्द रखा है

~दरार