daraar
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कविताएँ और शायरी
Kavitaayein aur shaayari
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शेर
इस सबब से कि ख़ुशियों से ताल्लुक़ात मुकम्मल नहीं
हमने आज में ख़ुश रहना छोड़ दिया
~दरार
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