daraar
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Lekhan
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कविताएँ और शायरी
Kavitaayein aur shaayari
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शेर
2026
मेरे जीवन का ख़्वाब मेरे हाथ से गिर गया
मैं जिधर से गुज़रा, हर चिराग़ बुझ गया
~दरार
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