daraar.

शेर

वो रब्त, वो फ़सानायाद है हमेंवो दिन, वो जज़्बातयाद है हमें वो बातें, वो मुलाक़ातेंकोई कैसे भूलेजो बिछड़ गया है कबकावो दरार याद है हमें

~दरार