daraar.

कविता2026

मैं डूबा थाकिसी कलाकार के बुनेकल्पना सागर में मगर अचानकनज़र आयामुझे उगता सूरज

उसकी किरणेंआ गिरींमेरे कोरे बदन पर और इस तरहछूट गई थीवो दुनिया अधूरी

~दरार