daraar.

ग़ज़ल

तस्लीम

मेरी सोहबत से दूर रहना ठीक हैतुम्हारा तुम्हारी कहानी कहना ठीक हैठीक है दुनिया भर के दरिया दिली की बातेंतुम्हारा ख़ुदमें मसरूफ़ रहना ठीक है

ये इश्क़, दोस्ती, प्यार, यार सबका रहना ठीक हैकुछ लोगों का ख़ुदी से ख़ुमार रहना ठीक हैठीक है दरिया का समंदर से जुदा हो जानातुम्हारा मुझसे दूर रहना ठीक है यादों की लौ का भड़कना भी ठीक हैइसके चलते कभी हमारा रुख़सत होना भी ठीक हैठीक है कुछ पत्तों का झड़ जानाकिसी डाली का सूना होना भी ठीक है