daraar.

मुक्त छंद2026

उसने रहने का दावा किया और छोड़ गयादुख हुआ यानी अपने वादा तोड़ गयादुख हुआ मुझे लगा था कि वो रुक जाएगाजब नहीं पलटातो दुख हुआ

अब रोज़मर्रा की ज़िंदगी मेंदेखते हैं उसका बर्ताव हम उसकी आँखों में जब मेरी तबाही का ग़म न मिलातो दुख हुआ वो इस क़दर बदल जाएगा हमने सोचा न थावो जब बदलातो दुख हुआ